मन चंगा तो कठौती में गंगा: संत रविदास की अद्भुत भक्ति और मानवता की कथा
आज जलझूलनी एकादशी का पावन अवसर है। आज भक्त भगवान को नए जल से स्नान कराते हैं। ठाकुरजी को सुंदर वस्त्र पहनाए जाते हैं, उन्हें पालकी या डोल में विराजमान...
आज जलझूलनी एकादशी का पावन अवसर है। आज भक्त भगवान को नए जल से स्नान कराते हैं। ठाकुरजी को सुंदर वस्त्र पहनाए जाते हैं, उन्हें पालकी या डोल में विराजमान...
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को अलग-अलग क्षेत्रों में कई नामों से जाना जाता है। कोई इसे परिवर्तिनी एकादशी कहता है, कोई पद्मा एकादशी, कोई वामन एकादशी या...
हम सब भगवान को भोग लगाते हैं। थाली सजाते हैं, पर्दा करते हैं, घंटी बजाते हैं और प्रतीक्षा करते हैं कि भगवान हमारे प्रेम से अर्पित भोजन को स्वीकार करें।...